Movie Review : Nayaka – Revenge of Love (2025)
Director & Producer : Binod Mahli
Cast : Binod Mahli, Chanda Mehra, Trishna Tanti, Isak Lakra, Nitesh Kachhap, Aman
Runtime : 141 minutes
Language : Nagpuri-Sadri
Music : Amit Tirkey, Probin Lakra, Amit Karmali
Rating : (3.5/5)
कहानी :
फिल्म ‘नायका’ एक आम लेकिन दिल छू लेने वाली बदले और प्रेम की कहानी है। कहानी रांची में रहने वाले एक अनाथ युवक ‘नायका’ (बिनोद महली) की है, जिसे एक कचरा बीनने वाला पालता है। उसके जीवन में दो दोस्त – बिंदु (चंदा मेहरा) और गोलू (अमन) हैं। बिंदु नायका से प्रेम करती है, पर नशे की लत उसे धीरे-धीरे कैंसर की अंतिम स्टेज तक पहुंचा देती है। वहीं दूसरी ओर, नायका को समाज सेविका आसना (तृष्णा तांती) से एकतरफा प्रेम हो जाता है। जब आसना रहस्यमय ढंग से लापता हो जाती है, तब कहानी एक थ्रिलर मोड़ लेती है। ऋषभ (नितेश कच्छप) और उसके गुर्गों का इस गायब होने में हाथ निकलता है। अब नायका के सामने दो चुनौतियां हैं – एक तरफ बिंदु के इलाज के लिए पैसे जुटाना और दूसरी ओर आसना की तलाश करते हुए अपराधियों से भिड़ना। इस त्रिकोणीय प्रेम और संघर्ष की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है।
अभिनय :
- फिल्म का अभिनय पक्ष मजबूत है।
- बिनोद महली ने एक्शन और इमोशनल दृश्यों में संतुलित अभिनय किया है।
- चंदा मेहरा फिल्म की जान साबित होती हैं। उनके एक्सप्रेशन्स और संवाद अदायगी दर्शकों को भावुक कर देती है।
- तृष्णा तांती का आकर्षण किरदार में निखर कर आता है।
- अमन, नितेश कच्छप, राकेश रमण, अनिल सिकदार और राम बाबू जैसे सह कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाएं अच्छी निभाई हैं।
निर्देशन :
पहली बार निर्देशन कर रहे बिनोद महली ने काफी सधा और गंभीर निर्देशन किया है। हर सीन में उनकी मेहनत झलकती है। कहानी की पकड़ शुरू से अंत तक बनी रहती है। हालांकि क्लाइमेक्स थोड़ा खिंचा हुआ प्रतीत होता है, लेकिन फिल्म बोर नहीं करती। फिल्मांकन में रांची और आसपास की लोकेशन को खूबसूरती से दर्शाया गया है।
संगीत :
- फिल्म के गाने कहानी की रफ्तार में मेल खाते हैं।
- ‘सीरीओ’ एक शानदार कंपोजिशन है जो दर्शकों को झूमने पर मजबूर करता है।
- ज्योति साहू की आवाज़ में ‘पिया पिया’ एक मधुर गीत बन पड़ा है।
निष्कर्ष :
‘नायका: रिवेंज ऑफ लव’ एक लव स्टोरी और थ्रिलर का संतुलन है, जिसमें युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान का संदेश भी शामिल है। फिल्म की कहानी साधारण होते हुए भी प्रस्तुति के कारण खास बन जाती है। अभिनय, निर्देशन और संगीत तीनों पक्षों में संतुलन है।
देखें या ना देखें :
यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है – खासकर उन दर्शकों के लिए जो प्रेम, दर्द और संघर्ष की कहानी को पर्दे पर देखना पसंद करते हैं।
रेटिंग : (3.5/5)
~Review by : Kundan Kumar Chaudhary, Senior Journalist & Film Critic (Dainik Bhaskar).
